चारधाम यात्रा में भीड़ के दबाव से निपटने के लिए अन्य विकल्पों को भी देखा जा रहा है। सीएम धामी ने रामनगर से चारधाम यात्रा की संभावना को तलाशने के निर्देश कुछ महीने पहले जिला प्रशासन को दिए थे, जिसको लेकर अब नैनीताल जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने प्रारंभिक सर्वे का काम करने के साथ ही रामनगर से कर्णप्रयाग तक का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है।
रामनगर से मोहान मोलेखाल-भिकियासैण, चौखुटिया-गैरसैण और कर्णप्रयाग होते हुए चारधाम यात्रा की जा सकती है। पहले भी लोग इस मार्ग से जाते रहते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्ग सिंगल लेन है। इसमें ज्यादा वाहनों का संचालन खतरनाक होगा। एक दिन में 150 तक बसें और 300 तक छोटे वाहनों को चलाया जा सकता है। यह यात्रा रामनगर की सिंचाई विभाग और डिग्री कालेज की भूमि से शुरू किया जा सकता है। यहां पर वाहनों को खड़ा किया जा सकता है।
