बीते कुछ दिनों से दिल्ली के बुराड़ी में हुए श्री केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक मंदिर के शिलान्यास के बाद से लगातार केदार घाटी सहित विभिन्न संतों में इसको लेकर आक्रोश व्याप्त था, 15 जुलाई को मुंबई में गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रमुख संतों ने भी इसका विरोध किया था, जिसके बाद अब उत्तराखंड सरकार ने यह फैसला लिया है, कि देश में चार धाम यानी कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के नाम से दूसरा मंदिर या फिर ट्रस्ट नहीं बनेगा। कैबिनेट बैठक में यह भी कहा गया है कि मंदिरों से मिलता जुलता नाम रखने पर सख्त सेक्शन लिया जाएगा, और इसके लिए कानून भी बनाया जाएगा।
