
देहरादून। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सदन में क्षेत्रवाद पर दिए मर्यादित बयान से विवादों में घिरे कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। आज उन्होंने अपने सरकारी आवास में इस्तीफे की घोषणा की तत्पश्चात सीएम आवास जाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को त्यागपत्र सौंप दिया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल का त्यागपत्र अग्रिम कार्यवाही के लिए राज्यपाल को भेज दिया है। इस दौरान प्रेमचंद अग्रवाल काफी भावुक दिखे। बता दें कि उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। समर्थकों ने सरकार से इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की और दून में चक्का जाम व बाजार बंद करने का ऐलान किया।
उल्लेखनीय है कि प्रेमचंद अग्रवाल के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1980 से हुई। जब वह देश के सबसे बड़े छात्र संगठन अभाविप के डोईवाला इकाई के अध्यक्ष बने। वर्ष 1984 में वह डीएवी पीजी काॅलेज के अभाविप इकाई के महासचिव बने। वर्ष 2007 से वह चार बार लगातार ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए और हर बार उनकी जीत का अंतर बढ़ता गया।
वे 2017 में तीसरी बार विधायक बनकर विधान सभा अध्यक्ष। प्रेम चंद्र अग्रवा 2022 में चौथी बार विधायक, कैबिनेट मंत्री वित्त, शहरी विकास एवं आवास मंत्री बने।
लगातार सफलता उनके व्यवहार में भी परिवर्तन लाती गई और धीरे-धीरे उनका व्यवहार भी उग्र होता गया। यहां तक एक बार उन्होंने सड़क पर कार्यकर्त्ता से हाथपाई भी कर दी थी। बात-बात पर उत्तेजित होना जैसे उनकी आदत बन गई। व्यवहार में उत्तेजना उन्हें विवादों में डालती रही। एक बार फिर प्रेम चंद्र अग्रवाल बजट सत्र के दौरान सदन में क्षेत्रवाद पर दिए मर्यादित बयान से विवादों में घिर गए। उनके इस बयान के भारी विरोध के चलते यह आग दिल्ली तक जा पहुंची और आखिरकार उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। समर्थकों ने सरकार से इस्तीफा नामंजूर करने की मांग की और दून में चक्का जाम व बाजार बंद करने का ऐलान किया। हालांकि पूर्व मंत्री ने लोगों से अपील की है कि आपकी भावनाओं का सम्मान है लेकिन राजनीति में यह सब होता रहता है।
