देहरादून। शहरी विकास विभाग की सफाई निरीक्षक की भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने के नौ माह बाद भी अभ्यार्थियों को नियुक्ति नहीं मिली है। अभ्यर्थियों ने जल्द से जल्द नियुक्ति देने की गुहार लगाई है।
दिसंबर 2023 में लोक सेवा आयोग की ओर से लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसका परिणाम सितंबर 2024 को जारी किया गया, उसके बाद से यह भर्ती नैनीताल हाईकोर्ट में लंबित है। चयनित अभ्यार्थियों का कहना है कि शासन की ओर से न्यायालय में लंबित भर्ती पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है, जिस कारण चयनित अभ्यार्थियों का नौ माह का समय बीत चुका है और अभ्यार्थियों का सामाजिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है। चयनित अभ्यार्थियों का कहना है कि शासन इस मामले में न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखें। चयनित अभ्यर्थियों द्वारा देहरादून प्रेस क्लब में मीडिया से कहा कि इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री तथा विभागीय उच्च अधिकारियों के संज्ञान में कई बार लाया गया परन्तु उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्तमान तक इस प्रकरण पर उच्चतम न्यायालय में कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों हारा बताया गया कि कुंभ 2023 तथा वर्तमान में चल रही कांवड़ यात्रा हेतु सफाई निरीक्षकों की नितांत आवश्यकता धी हम आम जनमानस को यात्रामार्गों पर काफी परेशानियों जिससे का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वर्तमान में नगर निकाय मे सफाई निरीक्षकों के 30% पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। इस सम्बन्ध में चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार द्वारा जिस प्रकार पंचायत चुनाव पर लगी रोक को माननीय उच्च न्यायालय मे अपना मजबूत वहा रखकर मात्र 3 दिन मे स्टे ऑर्डर हटा दिया 1 इसी प्रकार यदि सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर लगे स्टे पर कोर्ट के सम्मुख मजबूत पैरवी करे तो 63 चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा सकते हैं। इस दौरान चयनित अभ्यर्थी गणेश ध्यानी, पकंज, राकेश, दीपा, मीनाक्षी, दीपक, रजनी, अर्जुन, मोहित, अनिल,रिजवान, आयुष आदि मौजूद रहे।
