काशीपुर। काशीपुर के आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम अजीतपुर में ग्रामीणों और खनन माफिया में खूनी संघर्ष हो गया। लगभग 20 से 25 मिनट तक फायरिंग हुई जिसमें चार लोग घायल हो गए। दो ग्रामीणों के पैर में गोली लगी हैं। पुलिस के पहुंचने से पहले खनन माफिया मौके से फरार हो गए। सभी को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अजीतपुर के ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन में लगे ओवर लोडिंग वाहनों से उड़ने वाली धूल के कारण ग्रामीणों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है, साथ ही हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इस विरोध में गांव के लोग करीब 1 माह अजीतपुर गोशाला रोड पर दिन-रात धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि ओवरलोड डंपरों से तेज रफ्तार के आने-जाने से हर वक्त हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक 2-3 दिन पहले खनन से भरे ओवरलोड वाहनों को रोका गया था। शनिवार को भी ग्रामीणों ने खनन वाहनों को रोका गया। रविवार सुबह भी ग्रामीणों ने खनन वाहनों को जब गांव से गुजरने से रोका तो खनन माफिया ने धमकी दी कि इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।आरोप है कि रविवार शाम अचानक कई वाहनों से 50 से 60 लोग असलहे, लाठी-डंडे आदि लेकर धरना स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान ग्राम अजीतपुर के लगभग 15-20 लोग धरनास्थल पर बैठे हुए थे। हथियारबंद लोगों ने आते ही इन लोगों से मारपीट व फायरिंग शुरू कर दी। बताया जाता है लगभग आधा घंटा तक फायरिंग हुई। सूचना मिलने पर आईटीआई थाना प्रभारी प्रवीण कोश्यारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब तक पुलिस टीम पहुंची हथियारबंद लोग मौके से फरार हो चुके थे। हमले में एक कार और एक मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हुई है। फायरिंग की घटना में ग्राम अजीतपुर के विक्रम जीत सिंह पुत्र हरनाम सिंह, बलजीत सिंह पुत्र सुच्चा सिंह के पैरों में गोलियों के छर्रे लगे हैं। गुरबूटा सिंह पुत्र बलकार सिंह के सिर में व जितेंद्र सिंह पुत्र रंजीत सिंह की हथेली में गोली के छर्रे लगे हैं। घायलों को निजी वाहनों से एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में लाया गया। जहां गुरबूटा सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विक्रमजीत सिंह, बलजीत सिंह को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जितेंद्र सिंह का इलाज कर छुट्टी कर दी। एसपी अभय सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।