Wednesday, February 11, 2026

बुलावे पर वार्ता के लिए पहुंचे आंदोलनकारी पर कार्यालय से गायब मिले कॉर्बेट डायरेक्टर -गुस्साए ग्रामीणों ने वादा खिलाफ़ी का आरोप लगा किया प्रदर्शन

रामनगर। थर्टी फर्स्ट के मौके पर कॉर्बेट नेशनल पार्क का झिरना तथा ढेला पर्यटन जोन को सैलानियों के लिए बंद करने की चेतावनी के बाद कॉर्बेट प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को दिया गया वार्ता का प्रस्ताव डायरेक्टर के वीआईपी प्रोटोकॉल में जाने के कारण परवान नहीं चढ़ सका। जिसके बाद डायरेक्टर के बुलावे पर कार्यालय पहुंचे गुस्साए ग्रामीणों ने वन प्रशासन पर वायदाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कार्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। समिति ने कहा कि निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व ने संघर्ष समिति को वार्ता के लिए आमंत्रित किया और स्वयं अपने कार्यालय से नदारद हो गए। इसके बाद भी समिति की ओर से कुछ समय बाद वार्ता करने के प्रस्ताव को भी उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
अपनी मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के दौरान निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व ने किसान संघर्ष समिति व संयुक्त संघर्ष समिति को मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए शुक्रवार 29 दिसंबर को दिन में 11 बजे अपनी अध्यक्षता में वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। वार्ता के इस आमंत्रण को स्वीकार कर संघर्ष समिति के एक दर्जन से अधिक लोग कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. धीरज पाण्डे के कार्यालय में पहुंचे तो वह कार्यालय से नदारद पाए गए। फोन पर निदेशक ने बताया कि वह किसी वीआईपी प्रोटोकॉल में चले गए हैं तथा वार्ता करने में असमर्थ है। संघर्ष समिति द्वारा कुछ समय बाद वार्ता करने के प्रस्ताव को भी उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इस पर आक्रोशित संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने कार्बेट टाइगर रिजर्व कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी कर 31 दिसंबर के कॉर्बेट पार्क बंद करने जैसे निर्णय को यथावत रखने की घोषणा की। समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि उत्तराखंड में पिछले दो महीनों में टाइगर व तेंदुओं के हमले में लगभग डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हो गई है और 45 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इंसानों को मार कर जंगली जानवरों का संरक्षण किया जा रहा है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महेश जोशी ने कहा कि सरकार के मंत्री व अधिकारी जनता की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में अब जनता को अपने जीवन को बचाने के लिए आंदोलन के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को ढेला- झिरना जोन पूर्णता बंद रखा जाएगा। इसके लिए ग्रामीण तड़के 5 बजे से ग्राम सांवल्दे (पश्चिमी) में धरने पर बैठ जाएंगे। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में मुन्नी मनराल, अनीता अधिकारी, भावना अधिकारी, अनीता गोसाई, ललिता रावत, महेश जोशी, संजय मेहता, ललित मोहन पांडे, सोबन तड़ियाल, प्रभात ध्यानी, मुनीष कुमार, रोहित रूहिला, बसंत कुमार, आनंद सिंह नेगी, राशिद खान आदि मौजूद थे।

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