रामनगर। ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर कॉर्बेट कार्यालय में कॉर्बेट प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 31 दिसंबर को ढेला-झिरना पर्यटन जॉन बंद करने का ऐलान किया है।
इस दौरान ग्रामीणों ने पुनः कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कार्यालय में पहुंचकर कॉर्बेट प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि हमारी मांगे हैं कि वन्यजीवों के हमले में मारे जाने वाले परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा साथ ही एक माह पूर्व बाघ के हमले में दिल्ली में इलाज करवा रहे अंकित का इलाज विभागीय स्तर से कराने, पटरानी की 32 वर्षीय अनीता देवी के परिजनों को नौकरी व ग्रामीणों को वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जाने आदि विभिन्न मांगे आज तक पूरी नहीं हुई है, उन्होंने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर वे 31 दिसंबर को ढेला झिरना पर्यटन जॉन को सुबह की पाली से ही बंद कर देंगे।और मुख्य गेट पर धरना देंगे।जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉर्बेट प्रशासन की होगी। रविवार के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेति ने बताया कि ग्रामीण सुबह 5 बजे से ग्राम सावल्दे पश्चिमी वन चौकी के पास शांतिपूर्वक धरना देकर अपना आंदोलन करेंगे। उन्होंने क्षेत्र की जनता से अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। 31 दिसंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा माइक से क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क एवं प्रचार अभियान चलाया गया। इस दौरान वार्ता में एसडीएम राहुल शाह, निर्देशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व डॉक्टर धीरज पांडे, उपनिदेशक दिगंथ नायक, पार्क बॉर्डर अमित ग्यासकोटि, वाइल्डलाइफ बोर्ड सदस्य मयंक तिवारी, आनंद नेगी, राजेंद्र सिंह सोवन तड़ियाल, ललित पांडे, आनंद नेगी आदि उपस्थित रहे।
