दीपक नारंग (ऋषिकेश )। ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से किया जा रहा ड्रोन ट्रायल दूसरे दिन भी जारी रहा। परीक्षण के तहत एम्स ऋषिकेश से टिहरी जिले के सीएचसी हिंडोलाखाल देवप्रयाग में ड्रोन के जरिए टीबी की दवाएं भेजी गई।
आज एम्स हेलीपैड से कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने ड्रोन सेवा को रवाना किया। फ्लाइट 34 मिनट में 47 किलोमीटर की दूरी तय कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोलाखाल देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल पहुंची। इस मौके पर सीएचसी में नमो ड्रोन दीदी ने भी प्रतिभाग किया। बताया गया कि एरियल डिस्टेंस के लिहाज से आज की ड्रोन फ्लाइट ने अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की। एम्स की ड्रोन हेल्थ सर्विसेस के नोडल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र गैरोला ने बताया कि एम्स ऋषिकेश राज्य केंद्र सरकार व संस्थान की टेलीमेडिसिन सेवा के सहयोग से ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को उत्तराखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में इमरजेंसी मेडिसिन, रक्त संबंधी जरुरतों को पूरा करने चारधाम यात्रा के समय आपात स्थितियों व हाई एल्टिट्यूड मेडिसिन पहुंचाने के लिए सीएचसी सेंटर जिला अस्पतालों व अन्य दुर्गम क्षेत्रों की मैपिंग योजना पर कार्य कर रहा है ।
