देहरादून। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि शासकीय विद्यालयों की तर्ज पर अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों को सरकार की ओर से सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ की 22 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए 20 जनवरी से पहले शिक्षा सचिव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक, वित्त नियंत्रक एवं संगठन के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह बात प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने पथरीबाग स्थित श्री गुरु राम राय लक्ष्मण इंटर कालेज में आयोजित उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के 15 वें प्रांतीय सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कही। इससे पूर्व प्रश्चम सत्र का उद्घाटन कपकोट जिला बागेश्वर विधायक सुरेश गड़िया समेत अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व अतिथियों का फूल मालाओं एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। सम्मेलन में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ अनिल शर्मा ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की समस्यायों व तदर्थ शिक्षकों के विनियमितकरण, चयन प्रोन्नत वेतनमान में तदर्श सेवा का लाभ जोड़ने, शत-प्रतिशत प्रधानाचार्य पदोन्नति, आयुष्मान गोल्डन कार्ड

का लाभ देने, स्वत सत्र लाभ, 2005 से पूर्व नियुक्त संविदा शिक्षको को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराने, जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों में वित्त विहीन सेवा का लाभ जोड़ने मानदेय प्राप्त शिक्षको को तदर्थ नियुक्ति प्रदान की जाएं, मानदेय से वंचित पी टी ए शिक्षको को दस हजार रुपए मानदेय में शामिल किया जाने समेत 22 सूत्रीय मांग पत्र को विस्तार पूर्वक अतिथियों के समक्ष रखा। अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि विधायक श्री गड़िया ने सम्बोधित करते हुए कहा कि संगठन की शक्ति सर्वोपरि है, सदैव से गुरुजनों ने नेतृत्व दिया है। उन्होंने शिक्षा से सम्पूर्ण सृष्टि की बात कहते हुए शिक्षक संगठन द्वारा उन्हें मांगपत्र सौपा गया। उन्होंने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से शीघ्र वार्ता कर हर संभव निराकरण के लिए आश्वस्त किया। वहीं दूसरे सत्र में पतंजलि योग पीठ में व्यस्त कार्यक्रम के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी अधिवेशन में शामिल न हो पाने के कारण उन्होंने शिक्षको को लिखित सम्बोधन संदेश भेजा। संदेश में उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं शिक्षिकाएं समाज की दशा और दिशा निर्धारित करने का पुनीत कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक हमारे समाज, प्रदेश और देश के साथ साथ मानव जाति व प्राणी मात्र का भविष्य निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अपने लिखित संदेश में शिक्षकों की समस्यायों के निराकरण के लिए सरकार सदैव उनके साब होने की बात कही। उधर दूसरे सत्र में बतौर मुख्यमंत्री प्रतिनिधि के रूप में पधारे विशिष्ट अतिथि लैंसडाउन विधायक महन्त दिलीप सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षकों की पीड़ा निश्चित रूप से सरकार के लिए दुखद है। उन्होंने तदर्थ शिक्षकों के विनियमितकरण के संबंध में संगठन को आश्वस्त करते हुए उनको सौंपे गए 22 सूत्रीय मांगपत्र को मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के समक्ष पुरजोर रखने की बात कही। तत्पश्चात प्रांतीय अध्यक्ष डॉ अनिल शर्मा ने पुरानी प्रांतीय कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा की। मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा, प्रदेश महामंत्री जगमोहन समेत सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को शपथ दिलाई।
